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PM आवास योजना की जगह CM बघेल ने शुरू की ग्रामीण आवास न्याय योजना, गरीबों को मिलेगा पक्का मकान

 Instead of PM Awas Yojana, CM Baghel started Rural Housing Justice Scheme, the poor will get pucca houses


Chhattisgarh - चुनावी साल में छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने बड़ा दांव चल दिया है. बघेल सरकार ने एलान किया कि केंद्र सरकार के पीएम आवास योजना की जगह अब राज्य की सरकार अपने खर्च में गरीबों के लिए पक्का मकान बनाएगी। इस योजना का नाम ग्रामीण आवास न्याय योजना रखा गया है. सीएम ने कहा कि आवासहीन परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है. सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2011 की सर्वे सूची के आधार पर प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास की पात्रता निर्धारित होने से वर्तमान स्थिति में प्रदेश के ज़रूरतमंद परिवारों को आवास स्वीकृति में कठिनाई हो रही है. इसे दूर करने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर पात्र परिवारों के लिए राज्य के संसाधनों से "ग्रामीण आवास न्याय योजना" शुरू करने का एलान किया गया. मानसून सत्र के दूसरे दिन इसकी घोषणा की गई है.


बघेल सरकार के बड़े एलान




37 हजार संविदा कर्मचारियों को सविंदा वेतन में 27 फीसदी की वृद्धि का एलान.


बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया.


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की 2 हजार करोड़ रूपए की महत्वपूर्ण घोषणाएं की.


ग्रामीण आवास न्याय योजना के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया.


लगभग 5 लाख शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की बढ़ोत्तरी, इस प्रकार मूल वेतन पर अब तक कुल 42 फीसदी बढ़ोतरी.


4 फीसदी बढ़ोतरी होने से 800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार पर पड़ेगा.


37000 संविदा कर्मियों के वेतन में 27 फीसदी वृद्धि, इससे 350 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा.


दैनिक वेतन भोगी के वेतन में 4000 रुपए मासिक वृद्धि, इससे 240 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा.


1650 अतिथि शिक्षकों के वेतन में 2 हजार रुपए मासिक की बढ़ोत्तरी, इससे 4 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा.


6000 पटवारियों को 500 रुपए मासिक संसाधन भत्ता, इससे 4 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा.


सभी शासकीय सेवकों को 7 वें वेतनमान पर बी श्रेणी शहर के लिए 9 फीसदी एवं सी और अन्य शहरों के लिए 6 फीसदी गृह भाड़ा भत्ता दिया जाएगा.


सभी पुलिस आरक्षकों को 8000 रुपए किट वार्षिक भत्ता दिया जाएगा, इसका 40 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा.


मितानिन ट्रेनर, ब्लाक कोआर्डिनेटर एवं हेल्प डेस्क आपरेटर को प्रतिदिन दैनिक प्रोत्साहन भत्ता 100 रुपए दिया जाएगा. इससे 11 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा.


10 हजार पंचायत सचिवों को 2500 से 3000 रुपए मासिक दिया जाएगा. इससे 50 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा. इसके अतिरिक्त उन्हें अर्जित अवकाश, दस लाख रुपए तक की उपादान राशि और पांच लाख रुपए तक चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति का लाभ भी दिया जाएगा.


मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत अधिकतम सहायता राशि की सीमा 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दी गई है.


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